पितृदोष कारण और निवारण भाग – 1

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पितृदोष

नमस्कार दोस्तों, आज हम एक ऐसे विषय पर बात करने जा रहें हैं जो कि बहुत ही महत्वपूर्ण है। अक्सर लोग जानना चाहते हैं कि, क्या हमारे हाथ में सरकारी नौकरी है? क्या जॉब है? क्या हम सफल होंगे? कई बार लोगों के साथ ऐसा हुआ है कि काफी मेहनत की बाद भी लोगों को सही सफलता नहीं मिलती है, इन सबका एक मुख्य कारण पितृदोष भी हो सकता है।

पितृदोष

 

“पितृदोष हो सकता है कारण”

क्या है पितृदोष?

दोस्तों, पितृदोष हाथ में सबसे बुरा दोष माना जाता है। इसका बहुत ही दूरगामी और बुरा प्रभाव हमारे जीवन पर पड़ता है। पितृदोष को आसानी से हस्तरेखा से ज्ञात नहीं किया जा सकता। पितृदोष वाले व्यक्ति के जीवन में कुछ लक्षण दिखाई पड़ते हैं जो इस प्रकार हैं:

  1. विवाह होने में विलंभ होना या विवाह होने के बाद भी पति-पत्नी में छोटी-छोटी बातों पर वाद-विवाद हो जाना।
  2. शादी होने के बाद भी तलाक हो जाना, संतान उत्पत्ति होने में व्याधा या संतान पैदा ना होना।
  3. हम जो मेहनत करें उसका समुचित फल ना मिलना, आय के साधनों में गिरावट जैसे काफी मेहनत करने पर भी लाभ न हो।
  4. काफी मेहनत करने के बाद भी परीक्षा में पास न होना या काम बनते-बनते बिगड़ जाना।
  5. अचानक से कर्जा हो जाना और कर्ज मुक्ति का कोई उपाय न मिलना।

“पितृदोष के कारण में है निवारण”

सबसे बड़ा कारण हम खुद है।

हम अपने जीवित माता-पिता, दादा-दादी, चाचा-चाची या किसी भी छोटे-बड़े परिजनों का कितना सम्मान करते हैं ? आज जब हम अपने जीवित माता-पिता, संबंधियों का सम्मान नहीं कर रहें तो कैसे अपेक्षा करें उनके मरने के बाद हम उनका सम्मान कैसे करेंगे। पितृदोष स्वर्गीय पूर्वजों से संबंधित परेशानी है।

पितृदोष की शुरुआत हम उनके जीवित रहते हुए ही कर देते हैं। सीधी-सीधी बात है अगर आप इज्जत चाहते है, तो आप दूसरों की इज्जत करें। वह सभी पूर्वज जो मर चुके हैं वह हमसे थोड़ा सम्मान चाहते हैं। वह चाहते हैं कि हम अपने हर अच्छे-बुरे कार्य में उनका स्मरण करें।

पित्रदोष के कारण

पित्रदोष के अन्य  कारण
  1. माता-पिता, गुरुजनों या अपने संबंधियों का सम्मान ना करना।
  2. माता-पिता, गुरुजनों की आज्ञा को ना मानना।
  3. जान-बूझकर अपने पूर्वजों को अपमानित करना।
  4. हाथ में सूर्य पर्वत का कमजोर होना।

कुंडली में सूर्य का बहुत ज्यादा कमजोर होना पितृदोष का एक साधारण सा कारण होता है। आपके हाथ में सभी पर्वत मजबूत है लेकिन अगर सूर्य पर्वत ही कमजोर है तो आप समझिए कि वही सबसे बड़ा दोष है।

हाथ में पितृदोष के लक्षण

हाथ में पितृदोष को आसानी से नहीं खोजा जा सकता, बहुत से लक्षण देखने के बाद ही आप किसी निष्कर्ष पर पहुँच सकते हैं। फिर भी कुछ साधारण लक्षण हम आपको बताते हैं।

पित्रदोष के अन्य कारण

  1. सूर्य रेखा का टूटा हुआ होना।

हाथ में सूर्य पर्वत का बहुत कमजोर होना या सूर्य पर्वत पर रेखाओं का जाल होना पितृदोष को दर्शाता है। मित्रों, सूर्य की स्थिति हाथ में बहुत महत्वपूर्ण है। अकेले सूर्य के कमजोर होने से व्यक्ति के जीवन में बहुत बड़ा स्थान रिक्त रह जाता है। प्रसिद्धि, तरक्की जीवन में भोग विलास का के लिए जो पैसा चाहिए, जो सम्मान चाहिए वह बिना सूर्य के नहीं मिल पाता।

 2. हाथ में जीवन रेखा ,मस्तिष्क रेखा ,हृदय रेखा का मिलन।

अगर आपके हाथ में जीवन रेखा ,मस्तिष्क रेखा ,हृदय रेखा एक जगह पर मिल रही है तो यह भी पितृदोष की निशानी है इस स्थिति में व्यक्ति आत्महत्या करने के लिए प्रेरित होता है। उसके विचार निराशावादी हो जाते हैं और जीवन में प्रगति बाधित होती है ।

आप हमारी विडियो देखकर भी ज्यादा जानकारी पा सकते है।

आप सभी के लिए एक खास बात।

दोस्तों मेरी हस्तरेखा शास्त्र सिर्फ आपको ज्ञान देने के लिए है यह आपको अंधविश्वासी बनाने क लिए नहीं है। हमारा बस यही उदेश्य है कि स्वमं अपने हाथों की लकीरों को देख सकें, समझ सकें, पढ़ सकें और किसी दूसरे की बातों में ना आयें।