विदेशों के कुछ प्रशिद्ध हिन्दू मंदिर – भाग 3/3

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विदेशों के कुछ प्रशिद्ध हिन्दू मंदिर – भाग 3/3
  1. विदेशों के कुछ प्रशिद्ध हिन्दू मंदिर का पहला भाग 
  2. विदेशों के कुछ प्रशिद्ध हिन्दू मंदिर का दुसरा भाग 
7) नल्लुर कंडास्वामी मंदिर, जफ्फाना, श्रीलंका (Nallur Kandaswamy temple, Jaffna District, Sri Lanka)

नल्लुर कंडास्वामी मंदिर को नल्लुर मुरुगन कोविल भी कहते हैं। मुरगन भगवान् का यह मंदिर श्रीलंका के नल्लुर में है। इस मंदिर में नल्लुर देवी की 10 वीं शताब्दी की मूर्तियाँ हैं।

6) इरावन तीर्थ, बैंगकाक, थाईलैंड (Erawan Shrine, Bangkok, Thailand)

सृष्टी के रचेता गुरु ब्रहमा के थाई प्रतिनिधि  ‘फरफ्रोम’ की मूर्तियाँ इस मंदिर में हैं। इस मंदिर में थाई लोक नृत्य करने वाली मण्डली होती है। 21 मार्च 2006, में एक आदमी ने इस तीर्थस्थान को तहस-नहस करने की कोशिश की लेकिन वह मौजूद दर्शकों ने उसे मार दिया। इस हादसे के ठीक 2 महीने बाद 21 मई 2006, को ब्रहमा की नई मूर्ति स्थापित की गयी।

5) श्री सुब्रमण्यम स्वामी देवस्थानम, बटु केव्स, मलेशिया (Sri Subramaniar Swamy Devasthanam, Batu Caves, Malaysia)

बटु गुफायें चुना पत्थर की बनी हैं जो कुआला-लम्पुर  से 13 किमी दूर हैं। यहाँ पर मुरगन भगवान् की 42.7 मीटर लम्बी मूर्तियाँ हैं। 1890 में एक तमिल व्यापारी  थम्बूसमी पिल्लई (Thamboosamy Pillai) ने बनवाई थीं। इस मंदिर में थाईपुसम नमक त्यौहार का आयोजन होता है।

4) श्री वेंकटेशवारा (बालाजी) मंदिर, बिर्मिंघम (Shri Venkateswara (Balaji) Temple, Birmingham, U.K.)

भारत के तिरुपति तिरुमाला मंदिर का प्रारूप इस मंदिर को दिया है। यह 23 अगस्त 2006, में बना था।  यूरोप में भगवान् वेंकटेश का यह पहला मंदिर है। इसमें उनकी 12 फीट की लम्बी मूर्ति है। उन्हें भगवान् विष्णु का अवतार मानते हैं।

3) पशुपतिनाथ मंदिर, नेपाल (Pashupatinath temple, Nepal)

भगवान् शिव का सबसे पुराना मंदिर 753 AD में राजा जयदेव ने बनाया था। इसे 12 वीं और 17 वीं शताब्दी में दोबारा बनाया गया। इसकी बनावट नेपाली पैगोडा के अनुसार बनायीं गयी है। इस मंदिर में सिर्फ हिन्दू ही जा सकते हैं। इस मंदिर की दूसरी इमारतों में विदेशी सैलानी जा सकते हैं। इस मंदिर में बहुत सारें साधू आते-जाते हैं। इस मंदिर को UNESCO ने  दुनिया की धरोहर में शामिल किया है।

2) अरुल्मिगु श्री रजकलिअम्मन का कांच का मंदिर, तेब्रौ, मलेशिया (Arulmigu Sri Rajakaliamman Glass Temple, Tebrau, Malaysia.)

यह मंदिर दुनिया का सबसे पुराना कांच का हिन्दू मंदिर है। इस मंदिर का 90% भाग कांच का बना है जिसमे कांच के 300,000 अलग-अलग टुकड़ों का प्रयोग हुआ है। इस मंदिर में भगवान् शिव का अत्मानं लिंगम देवालय है। यहाँ विदेशी सैलानी इस मंदिर की कलिगरी देखने आते हैं। यहाँ पर भक्त गुलाब के पानी से पूजा अर्चना करते हैं।  इस मंदिर में 10 सोने की मूर्तियाँ हैं और दीवारों में रुद्राक्ष के मोती जडित हैं।

1) वृंदाबन का मंदिर, वेस्ट वर्जिनिया(New Vrindaban Temple, West Virginia, U.S.A.)

भगवान् श्री कृष्णा का मंदिर एवं इस्कोन मंदिर का भाग यह मंदिर। इसका नाम वृंदाबन शहर के नाम पर रखा गया। इस मंदिर को 1979 में सोने का महल भी नाम दिया गया। श्री कृष्णा के भक्त इस मंदिर को स्वर्ग का दर्जा देते हैं।  यहाँ पर हिन्दू के साथ-साथ अन्य धर्म के लोग भी आते हैं और भगवान् में पूर्ण श्रद्धा रखते हैं।

तो, अब आप कभी भी भारत के बहार विदेश भ्रमण पर जाये तो इन हिन्दू मंदिरों में अवश्य जाये। हमारी संस्कृति का विदेशों में महत्व जाने।